हरियाणा पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन ट्रैकडाउन इस समय प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सबसे बड़ी और निर्णायक कार्रवाई के रूप में उभरकर सामने आया है। पिछले कुछ दिनों में 5,500 से अधिक अपराधियों की गिरफ्तारी जिनमें 1,656 कुख्यात अपराधी शामिल हैं, यह बताती है कि हरियाणा पुलिस ने अपराध जगत को न सिर्फ चुनौती दी है, बल्कि यह भी साबित किया है कि जब प्रशासन इच्छाशक्ति दिखाता है तो परिणाम धरातल पर दिखाई देते हैं। डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस ओपी सिंह की प्रत्यक्ष निगरानी और स्पष्ट दिशा-निर्देशों ने इस पूरे अभियान को एक व्यवस्थित और प्रभावी ढांचा दिया है।
इस अभियान का पहला प्रभाव यही है कि आदतन अपराधियों में एक स्पष्ट भय का वातावरण तैयार हुआ है। लंबे समय से कानून से बच निकलने की रणनीति अपनाने वाले इन अपराधियों ने संभवतः ऐसा कठोर और तेज़ एक्शन पहले कम ही देखा होगा। अपराधी मानसिकता तब बढ़ती है जब उसे राज्य की कमजोर इच्छाशक्ति के संकेत मिलते हैं। लेकिन जब पुलिस लगातार दबाव बनाए रखती है, गिरफ्तारी की गति तेज रखती है और अपराधियों के लिए सुरक्षित गलियों को भी असुरक्षित बना देती है तभी अपराधियों का मनोबल टूटता है और समाज में सुरक्षा की भावना मजबूत होती है।
इसका दूसरा बड़ा प्रभाव पुलिस तंत्र के भीतर दिखाई दे रहा है। एक लंबे समय से पुलिस बल पर जिस अकर्मण्यता का संदेह गहराता जा रहा था उसके बीच यह अभियान एक प्रकार का मनोबल बढ़ाने वाला साबित हुआ है। इसके लिए डीजीपी ओपी सिंह का नाम हमेशा जाना जाएगा। ऑपरेशन ट्रैकडाउन ने पुलिस को अपनी मूल भूमिका की ओर वापस केंद्रित किया है अपराध रोकना, अपराधियों को पकड़ना और समाज में शांति सुनिश्चित करना। जब असफलताएँ घटती हैं और सफलताएँ बढ़ती हैं तो पुलिस का आत्मविश्वास भी बढ़ता है। यही आत्मविश्वास करनाल में एसटीएफ द्वारा किए गए महत्वपूर्ण ऑपरेशन में देखने को मिला।
एसटीएफ यूनिट करनाल ने लॉरेंस बिश्नोई-काला राणा/नौनी राणा गैंग के सक्रिय और बेहद खतरनाक सदस्य अमर सिंह उर्फ मुछ को गिरफ्तार कर एक बड़ी आपराधिक साजिश को समय रहते नाकाम किया। यह गिरफ्तारी सिर्फ एक अपराधी को पकड़ने भर का मामला नहीं है, बल्कि यह उस संगठित अपराध नेटवर्क को झटका है जो हरियाणा, पंजाब और उत्तर भारत के कई हिस्सों में अपने पैर फैलाने की कोशिश करता रहा है। ऐसे गैंग न सिर्फ धमकी, वसूली और हत्या जैसे अपराधों के लिए जिम्मेदार होते हैं, बल्कि समाज के भीतर डर और अस्थिरता का वातावरण पैदा कर देते हैं। समय रहते की गई कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि हरियाणा पुलिस किसी भी आपराधिक मकसद को जमीन मिलने नहीं देगी।
हरियाणा की जनता लंबे समय से चाहती रही है कि कानून-व्यवस्था का राज स्थापित हो, सड़कें सुरक्षित हों, व्यवसाय बिना डर के चलें और युवा अपराध के रास्ते के बजाय सकारात्मक जीवन की ओर बढ़ें। यही वह दिशा है जिसमें हरियाणा पुलिस का यह अभियान समाज को ले जा रहा है। अपराध पर सख्ती सिर्फ गिरफ्तारियों की संख्या से नहीं मापी जाती, बल्कि उससे पैदा होने वाले सामाजिक भरोसे से मापी जाती है।
राम राज्य का प्रतीक हमेशा न्याय, शांति, सुरक्षा और निर्भीक समाज रहा है। वह व्यवस्था जिसमें कमजोर व्यक्ति भी बिना भय के अपना जीवन जी सके और अपराधी यह जान लें कि राज्य की शक्ति उनके हर गलत कदम का जवाब देने के लिए तैयार है।
यदि हरियाणा पुलिस इसी निरंतरता, कठोरता और ईमानदारी से अपना अभियान जारी रखती है, तो निश्चित रूप से कहा जा सकता है कि एक सुरक्षित और न्यायपूर्ण समाज की ओर उठाया गया यह कदम आने वाले समय में राम राज्य की नींव को और मजबूत करेगा।


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