पानीपत। जिला प्रशासन और सूचना, जन संपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से गीता महोत्सव के प्रथम दिन डॉ. एम.के.के. स्कूल, मॉडल टाउन में गीता पर विशेष सेमिनार आयोजित किया गया। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने गीता के महत्व, कर्म और फल कर्म के सिद्धांत पर रोशनी डाली। सेमिनार में स्कूली बच्चों को जीवन में सही मार्ग अपनाने और आध्यात्मिक मूल्य को समझने के लिए प्रेरित किया गया।
मुख्य अतिथि एसडीएम मनदीप कुमार ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि गीता जीवन का मार्गदर्शक ग्रंथ है और इसे समझकर जीवनशैली को सकारात्मक दिशा दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन का सार है। बच्चों को नियमित अभ्यास और मैडिटेशन करने की सलाह देते हुए उन्होंने बताया कि गीता विपरीत परिस्थितियों में जीवन को आगे बढ़ाने और चुनौतियों का सामना करने की प्रेरणा देती है।
गीता विश्वविद्यालय से डॉ. प्रेरणा डावर ने विद्यार्थियों को सही कर्म का निरंतर अभ्यास करने और आलस्य को त्यागने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की लत बच्चों का ध्यान भटकाती है, इसलिए उन्हें अपने काम और अध्ययन पर फोकस करना चाहिए।
अग्रवाल समाज पानीपत के अध्यक्ष विकास गोयल ने गीता के जीवन में सरलता, जिज्ञासा और कर्मयोग की सीख पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गीता जीवन की नैया पार कराने वाला ग्रंथ है और इसे घर में पढ़ना आवश्यक है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाचार्य महेन्द्र दीक्षित ने गीता को आज के समय में चुनौतियों का समाधान बताने वाला ग्रंथ बताया। राष्ट्रीय सैनी समाज के अध्यक्ष कंवर रविन्द्र सैनी ने बच्चों को गीता के श्लोकों का अर्थ समझाते हुए मेहनत और ध्यान केंद्रित करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर एसडीएम मनदीप कुमार और अन्य अधिकारियों ने वक्ताओं को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी राकेश बुरा, एलडीएम राजकुमार, डीआईपीआरओ सुनील बसताड़ा एवं स्कूल प्रशासन मौजूद रहे।


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