योग एक प्राचीन भारतीय जीवन-पद्धति है। जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने (योग) का काम होता है। योग के माध्यम से शरीर, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ किया जा सकता है। तीनों के स्वस्थ रहने से आप स्‍वयं को स्वस्थ महसूस करते हैं। योग के जरिए न सिर्फ बीमारियों का निदान किया जाता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को भी दूर किया जा सकता है। योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर जीवन में नव-ऊर्जा का संचार करता है। योगा शरीर को शक्तिशाली एवं लचीला बनाए रखता है साथ ही तनाव से भी छुटकारा दिलाता है जो रोजमर्रा की जि़न्दगी के लिए आवश्यक है। योग आसन और मुद्राएं तन और मन दोनों को क्रियाशील बनाए रखती हैं।

हृदय रोगियों के लिए फायदेमंद होती हैं ये 5 योग मुद्राएं

अपान वायु मुद्रा  

हृदय रोगियों के लिए यह मुद्रा बहुत ही लाभदायक माना जाता है। यह कार्डियक अरेस्ट से पीड़ित व्यक्ति को तुरंत राहत प्रदान करता है और इससे रक्तचाप को ठीक रखने में सहायता मिलती है। पेट की गैस एवं शरीर की बेचैनी इस मुद्रा के अभ्यास से दूर होती है। इसे करने के लिए सीधा बैठ जाएं और अपने दोनों हाथों को अपने घुटनों पर रख लें और हथेलियां उपर की तरफ कर लें। अब अपने हाथ की तर्जनी अंगुली को मोड़कर अंगूठे के पास ले लाएं और बीच की दोनों अंगुली के प्रथम पोर को अंगूठे के प्रथम पोर से स्पर्श कर हल्का दबाएं और कनिष्ठिका अंगुली को सीधी रहने दें। आंखे बंद करके इस अवस्था में कम से कम 20 से 30 मिनट तक रहें।

प्राण मुद्रा

प्राण मुद्रा को प्राणशक्ति का केंद्र माना जाता है और इसको करने से प्राणशक्ति बढ़ती है। यह वास्तव में धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है, हृदय संबंधी समस्याओं से जुड़े जोखिमों को कम करता है और इस मुद्रा का रोजाना अभ्यास करने से फिटनेस और प्रतिरक्षा प्रणाली में सुधार होता है। यह उच्च रक्तचाप और मधुमेह की समस्या से आपको दूर रखता है। इसे करने के लिए पद्मासन में बैठें और दोनों हाथों को अपने घुटनों पर रख कर हथेलियों को उपर की ओर रखें। अब अपने हाथ की सबसे छोटी अंगुली और उसके बगल वाली अंगुली के पोर को अंगूठे के पोर से सटा लें। आप अपने जरूरत के अनुसार इसे कर सकते हैं।

सूर्य मुद्रा

सूर्य मुद्रा से आप अपने शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ा सकते हैं और ये ऊर्जा आपके आलस्य को खत्म करता  है। मोटापा, डायबिटीज, थायरायड आदि जैसे समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए सूर्य मुद्रा का अभ्यास बहुत ही फायदेमंद होता है। इससे आपके हृदय के स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भी मदद करता है, अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बढ़ता है। इसे करने के लिए सीधे बैठ जाएं और हाथ की सबसे छोटी अंगुली के बगल वाले उंगली को मोड़कर अंगूठे के पोर से लगा लें। अपने  ध्यान को केंद्रित करके इस अभ्यास को 10-15 मिनट तक करें।